मुंबई महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के लिए विधानभवन परिसर में तैयारी शुरू हो गई है। पहले यह कहा जा रहा था कि मंत्रिमंडल विस्तार का समारोह राजभवन में होगा, लेकिन बाद में तय किया गया कि इसे विधानभवन परिसर में ही किया जाएगा। इसके पीछे वजह यह है कि सरकार में शामिल तीनों पार्टियों, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के ज्यादा से ज्यादा समर्थकों को नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का मौका मिल सके। सूत्रों के अनुसार विधानभवन में नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के लिए जो पंडाल बनाया जाया रहा है उसमें पांच हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। खबर है कि मंत्रिमंडल विस्तार में 36 नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नीत मंत्रिमंडल में उनके अलावा छह मंत्री हैं। सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र विकास आघाडी के इस पहले मंत्रिमंडल विस्तार में शिवसेना और एनसीपी के 10-10 कैबिनेट और 3 राज्यमंत्री तथा कांग्रेस के 10 मंत्री शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार में तीनों पार्टियां अपने छोटे मित्र दलों और निर्दलीय समर्थक विधायकों को भी समाहित करने की कोशिश कर रही हैं। शिवसेना का समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायक बच्चू कडू और कांग्रेस की तरफ से समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी का नाम मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के प्रयास चल रहे हैं। हालांकि तीन दलों की सरकार होने के कारण मंत्रिमंडल में अपने विधायकों को मौका देने के लिए तीनों पार्टियों पर काफी दबाव है। अलावा इसके तीनों पार्टियों में जूनियर और सीनियर का झगड़ा भी चल रहा है। कांग्रेस ने तो इस मुद्दे पर तय कर लिया है कि जो कम से कम दो से अधिक बार विधायक चुना गया है उसी के नाम पर विचार होगा। कांग्रेस की वजह से देरी नहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने बताया कि मंत्रिपद की शपथ लेने वाले उनकी पार्टी के नेताओं की सूची तैयार है। थोरात ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस की वजह से कोई देर नहीं हुई है। 24 दिसंबर को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार के लिए भी कांग्रेस की लिस्ट फाइनल थी, लेकिन नागपुर में 21 दिसंबर को संपन्न हुए विधानसभा के शीतकालीन अधिवेशन के बाद प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं था, प्रशासन ने सरकार से कम से कम 48 घंटे का समय मांगा था। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार के लिए 30 दिसंबर की तारीख तय की गई। संभावित मंत्रियों के नाम राजनीतिक हलको में चल रही चर्चा के मुताबिक शिवसेना के कोटे से रवींद्र वायकर, उदय सामंत, गुलाबराव पाटील, तानाजी सावंत, आशीष जैसवाल, संजय राठोड, दादा भुसे, दिवाकर रावते, अनिल परब, डॉ.राहुल पाटील, संजय शिरसाट, अनिल बाबर, शंभूराज देसाई का नाम चल रहा है। हालांकि शिवसेना विधायकों का दबाव है कि विधानसभा का चुनाव जीतने वाले विधायकों को ही मंत्री बनने का मौका मिलना चाहिए। शिवसेना की तरफ से मुस्लिम विधायक अब्दुल सत्तार को भी मंत्री बनाया जा सकता है। एनसीपी की तरफ से , दिलीप वलसे पाटील, नवाब मलिक, धनंजय मुंडे, जितेंद्र आव्हाड, हसन मश्रीफ, अनिल देशमुख, राजेंद्र शिंगणे, मकरंद पाटील, बालासाहेब पाटील, सरोज अहिरे और डॉ.किरण लहामटेके नाम मंत्री बनने वालों की लिस्ट में हैं। इसी तरह से कांग्रेस की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण, विजय वडेट्टीवार, के. सी. पाडवी, अमित देशमुख, सतेज पाटील, विश्वजीत कदम, यशोमती ठाकुर, सुनील केदार, वर्षा गायकवाड, अमीन पटेल और प्रणीति शिंदे के नाम संभावित तौर पर लिए जा रहे हैं।
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