अयोध्या सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मिली मस्जिद निर्माण की 5 एकड़ जमीन पर कब्जा मिलने के बाद शनिवार को ड्राफ्टमैन टीम साइट पर पहुंची। अयोध्या की सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में मस्जिद की जमीन का टोपोग्राफी नक्शा तैयार करने के लिए मौके पर नाप-जोख की गई। टीम के सदस्यों ने मस्जिद साइट से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित सरयू तट का भी निरीक्षण किया। इसी के साथ प्रॉजेक्ट लॉन्च करने की तैयारी शुरू हो गई है। मस्जिद निर्माण के ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि टोपोग्राफी नक्शा तैयार कर, इसे दिल्ली के तीन नामी आर्किटेक्ट के पैनल के पास भेजा जाएगा जो 5 एकड़ जमीन पर लॉन्च किए जाने वाले प्रॉजेक्ट की आर्किटेक्ट डिजाइन तैयार कर इस पर आने वाले खर्च का लेखा-जोखा तैयार करके मस्जिद के ट्रस्ट को सौंपेंगे। 'लोगों के सहयोग से तैयार हो रही डिजाइन' इनमें से एक आर्किटेक्ट डिजाइन को मस्जिद ट्रस्ट फाइनल करेगा। अतहर हुसैन ने बताया कि हालांकि अभी बैंक खाते का संचालन शुरू नहीं हुआ है और ट्रस्ट के खाते में धनराशि शून्य है फिर भी लोगों के सहयोग से मस्जिद के प्लान की आर्किटेक्ट डिजाइन तैयार करवाई जा रही है। अतहर हुसैन के मुताबिक, मस्जिद ट्रस्ट में अभी 9 सदस्य है इसमें 6 सदस्यों को और शामिल करना है जिसमें अयोध्या जिले का भी प्रतिनिधित्व रहेगा। '1,400 वर्गमी में बनेगी मस्जिद' इनका बनेगा आर्किटेक्ट डिजाइन-मस्जिद ट्रस्ट आईआईसीएफ के सचिव अतहर हुसैन के मुताबिक, '5 एकड़ की जमीन पर बड़ा प्लान अस्पताल का है। केवल 1,400 वर्गमीटर क्षेत्र पर मस्जिद बनेगी। इसी आकार में बाबरी मस्जिद खड़ी थी लेकिन नई मस्जिद बाबर के नाम से नहीं होगी। मेरी निजी राय तो इसका नाम धन्नीपुर मस्जिद रखने का है। पर यह मसला ट्रस्ट की बैठक में आम राय से तय होगा।' 'जमीन पर बड़ा अस्पताल बनेगा' अतहर ने आगे बताया, 'लेकिन सबसे बड़ा प्रॉजेक्ट अस्पताल का बनेगा। यहां के लोगों की मांग अस्पताल की है। इसके अलावा कल्चरल रिसर्च सेंटर व कम्युनिटी किचन के हैं। इंडो इस्लामिक कल्चर की गंगा जमुनी साझेदारी के विषयों के साथ रहीम रसखान कबीर जैसे विभूतियों पर भी शोध के लिए कल्चरल सेंटर बनेगा। इसमें आधा दर्जन शोध स्कालरों के लिए रहने और रिसर्च के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था रहेगी। यह सेंटर यूजीसी के मानक पर बनेगा।' मस्जिद ट्रस्ट के सदस्यों ने जैन मंदिर देखा मस्जिद ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन और ट्रस्टी इमरान अहमद शनिवार को जमीन का टोपोग्राफी नक्शा की नाप जोख करवाने के बाद वहां के रत्नापुरी स्थान पर स्थित जैन श्वेतांबर मंदिर को भी देखा। मंदिर के पुजारी ने 15वें तीर्थांकर धर्मनाथ से जुड़े इस मंदिर की प्राचीनता की जानकारी दी।
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