ब्रिजेश त्रिपाठी, मुंबई'कोरोना कैपिटल' बन चुकी मुंबई में राहत की खबर है। बीएमसी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार का डेली ग्रोथ रेट गिरकर 3 प्रतिशत से नीचे आ गया है। 8 जून को मुंबई में कोरोना का डेली ग्रोथ रेट 2.93 फीसदी हो गया है। इस तरह राज्य सरकार और बीएमसी प्रशासन मुंबई में कोरोना की रफ्तार पर ब्रेक लगाने में कामयाब होते दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद मुंबई में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 50 हजार को पार कर गया है। मुंबई में 25,336 एक्टिव केस हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों एवं कोविड सेंटर में इलाज चल रहा है, जबकि 21,860 से ज्यादा लोग कोरोना को मात देकर सकुशल अपने घर जा चुके हैं। भायखला, सायन में स्पीड सबसे कममुंबई के भायखला, चिंचपोकली और मजगांव में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 2,967 एवं माटुंगा, सायन, वडाला में मरीजों की संख्या 2,987 है। इसके बावजूद इन वॉर्डों में कोरोना की डेली ग्रोथ रेट 1.5 फीसदी है, जो कि मुंबई में सबसे कम है। मुंबई के 24 में से 6 वॉर्ड ऐसे हैं, जहां कोरोना की ग्रोथ रेट 2 प्रतिशत से कम है। इसमें भायखला, सायन के साथ सबसे अधिक कोरोना मरीजों वाली धारावी में डेली ग्रोथ रेट 1.6 प्रतिशत है। इसी तरह बांद्रा पूर्व में 1.7 प्रतिशत, वरली में 1.8 प्रतिशत और गोवंडी में ग्रोथ रेट 1.8 प्रतिशत है। 5 वॉर्डों में 3 प्रतिशत से कम ग्रोथ रेटबीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, पूरे मुंबई में कोरोना की ग्रोथ रेट गिर कर 3 प्रतिशत के नीचे आ गई है। हालांकि मुंबई में 5 वॉर्ड ऐसे हैं, जहां कोरोना की ग्रोथ रेट 2 प्रतिशत से ज्यादा और 3 प्रतिशत से कम है। इसमें कोलाबा में 2.3 प्रतिशत, मोहम्मद अली रोड में 2.4 प्रतिशत, मलबार हिल में 2.7 प्रतिशत, अंधेरी पश्चिम में 2.4 प्रतिशत और कुर्ला में ग्रोथ रेट 2 प्रतिशत पर आ गया है। इसी तरह मुंबई के 6 वॉर्ड ऐसे हैं जहां कोरोना की डेली ग्रोथ रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा और 5 प्रतिशत से कम है। इसमें मुलुंड , भांडुप, बोरिवली, गोरेगांव, अंधेरी पूर्व और कालबादेवी का एरिया शामिल है। मालाड में रफ्तार सबसे तेजकोरोना के शुरुआती दिनों में जिन इलाकों में उसकी रफ्तार सबसे धीमी थी, वहां आज कोरोना की डेली ग्रोथ रेट सबसे ज्यादा है। इसमें पश्चिमी उपनगर के मालाड, दहिसर एवं कांदिवली का एरिया शामिल है। मुंबई में सबसे ज्यादा डेली ग्रोथ रेट मालाड की 6.1 प्रतिशत है, इसी तरह दहिसर में 5.5 प्रतिशत और कांदिवली में कोरोना की डेली ग्रोथ रेट 5.3 प्रतिशत है। जानकार क्या कहते हैं?- कई बार समय पर इमर्जेंसी बेड्स न मिल पाने के कारण मौतें बढ़ रही हैं। - कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी चिंताजनक नहीं है। - बढ़ती मौतों को कम करना जरूरी है।
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