पुलवामा हमले में शहीद अपने साथी को याद कर भावुक हुए जवान। कहा, 'उस दिन मैं अगली पोस्ट पर खड़ा था, जबकि वह सीआरपीएफ की गाड़ियों की सुरक्षा में किनारे खड़े थे। अब मैं उनके बिस्तर को खाली देखता हूं तो...' यह कहते-कहते देशराज रुक गए और उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे।from Navbharat Times http://bit.ly/2DYSLTd
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