'अपने कदम पर बिना कोई सफाई दिए मैं बस यह कहना चाहता हूं कि मैंने एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश की... मैं कभी ताकत को सेक्स से जुदा नहीं कर सका, ना ही उसे प्यार का हिस्सा बना पाया और इस दौरान मेरा एक हिस्सा मॉन्स्टर में तब्दील हो गया।'from Navbharat Times https://ift.tt/2CsKDv0
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