नारायण ठाकुर ने 8 साल अनाथ आश्रम में गुजारे। वहां से निकलने के बाद अपना पेट पालने के लिए उन्होंने डीटीसी की बसें साफ कीं और सड़क किनारे ठेलों पर काम किया लेकिन खेलों को लेकर जज्बा कम नहीं हुआ।from Navbharat Times https://ift.tt/2O1cHro
नारायण ठाकुर ने 8 साल अनाथ आश्रम में गुजारे। वहां से निकलने के बाद अपना पेट पालने के लिए उन्होंने डीटीसी की बसें साफ कीं और सड़क किनारे ठेलों पर काम किया लेकिन खेलों को लेकर जज्बा कम नहीं हुआ।
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