PopAds.net - The Best Popunder Adnetwork प्रेमचंद: वे केवल लेखक नहीं एक सांस्कृतिक मशाल थे... - News

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Wednesday, August 1, 2018

प्रेमचंद: वे केवल लेखक नहीं एक सांस्कृतिक मशाल थे...

हमें इस बात पर गर्व करना चाहिए कि प्रेमचंद केवल हिंदी और हिंदुस्तान के ही महान लेखक नहीं हैं. उर्दू भाषी पाकिस्तान के भी हैं. आखिर वे कौन-से कारण हैं कि राष्ट्रीय राजनीति में एक-दूसरे से त्रस्त देशों में प्रेमचंद उसी तरह स्वीकृत और मान्य हैं जिस तरह मीर-ग़ालिब और फैज या फिर मंटो.

from Zee News Hindi: Special News https://ift.tt/2v2QP8b

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages

PopAds.net - The Best Popunder Adnetwork