भारत और पाकिस्तान जिस तरह सीजफायर उल्लंघन को लेकर अक्सर आमने-सामने रहते हैं, कुछ वैसा ही अब राजनयिकों के उत्पीड़न के मामले में भी हो रहा है। दोनों देशों के बीच राजनयिकों की सुरक्षा के लिए 1992 कोड ऑफ कंडक्ट (COC) के तहत समझौता हुआ था, लेकिन यह कारगार साबित होता नहीं दिख रहा।from Navbharat Times https://ift.tt/2LXFe0z
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