ग्रहों के सेनापति मंगल जिन्हें युद्ध, दुर्घटना, संबंध विच्छेद, रक्तपात, खेल, भूमि एवं रक्षा संबंधी विषयों के कारक माना जाता है वह 2 मई को शाम 4 बजकर 49 मिनट पर गुरु की राशि धनु से निकलकर शनि की राशि मकर में आएंगे। शनि की इस राशि में पहले से ही केतु विराजमान हैं। केतु के साथ मंगल मगर राशि में 6 नवंबर तक रहेंगे। ऐसे में अगले 6 महीने आपकी राशि पर मंगल और केतु के संयोग का कैसा प्रभाव रहेगा जानिए।from Navbharat Times https://ift.tt/2I6zUJI
No comments:
Post a Comment